Swachh Bharat Mission Mein Nagar Nigam Ki Bhumika: Ek Mahatavpurn Yogdan
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स्वच्छ भारत मिशन में नगर निगम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अभियान नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता सुधारने के लिए नगर निगमों द्वारा चलाया जा रहा है। इस लेख में हम नगर निगम के योगदान और इसके मुख्य कार्यों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
स्वच्छ भारत
मिशन
में
नगर
निगम
की
भूमिका
स्वच्छ भारत मिशन, जो 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया था, एक राष्ट्रीय अभियान है जो भारत को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। इस अभियान में नगर निगमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये नगर पालिका शहर के स्वच्छता कार्यक्रमों को प्रभावित और संचालित करने का मुख्य केंद्र होते हैं।
नगर निगम
का
स्वच्छ
भारत
मिशन
में
योगदान
नगर निगम शहरी विकास और स्वच्छता को सुधारने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम चलाता है। यह अभियान के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाता है, जो निम्नलिखित हैं:
1. कचरे
का
प्रबंधन
एवं
सफाई
व्यवस्था
नगर निगम शहरों में कचरे का संकलन, उसका उचित प्रबंधन और निवारण सुनिश्चित करता है। इसके लिए कई तरह के कचरा प्रबंधन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:
- घर-घर कचरा संग्रहण – प्रत्येक घर से कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था की जाती है।
- कचरा प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण – कचरे को अलग-अलग करने (वर्गीकरण) और उसका पुनः उपयोग या निपटान करने की व्यवस्था की जाती है।
- कचरा डंपिंग साइट्स की निगरानी – नगर निगम यह सुनिश्चित करता है कि कचरा डंपिंग के लिए उचित स्थान का चयन किया जाए जिससे प्रदूषण कम हो।
- गीले और सूखे कचरे का अलगाव – नागरिकों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाता है जिससे पुनर्चक्रण आसान हो सके।
- बायोगैस संयंत्रों की स्थापना – कचरे से बायोगैस बनाने की प्रक्रिया को अपनाकर नगर निगम पर्यावरण संरक्षण में योगदान देता है।
2. शौचालय
निर्माण
और
व्यवस्था
नगर निगम, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नागरिकों के लिए शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी उठाता है। इसमें दो प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं:
- घर पर शौचालय निर्माण – गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए सुविधा उपलब्ध कराना।
- सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय – ऐसे स्थानों पर शौचालय बनाए जाते हैं जहाँ घरों में शौचालय की व्यवस्था नहीं हो सकती।
- ऑटोमैटिक सार्वजनिक शौचालय – कुछ बड़े शहरों में आधुनिक स्वच्छता सुविधाओं के साथ ऑटोमैटिक शौचालय स्थापित किए जा रहे हैं।
- शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव – नगर निगम सुनिश्चित करता है कि बनाए गए शौचालयों की नियमित सफाई की जाए ताकि वे उपयोग में बने रहें।
3. जल
निकासी
एवं
नालियों
की
सफाई
शहर के समग्र विकास के लिए नगर निगम यह सुनिश्चित करता है कि नालियों की सफाई नियमित रूप से की जाए ताकि जल जमाव न हो और बीमारियाँ न फैलें। मानसून के दौरान विशेष रूप से इसका ध्यान रखा जाता है। इसके लिए:
- यांत्रिक सफाई मशीनों का उपयोग – आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर नालियों की सफाई की जाती है।
- जल निकासी योजनाएँ – नगर निगम नए जल निकासी नेटवर्क विकसित कर जलभराव की समस्या का समाधान करता है।
- वर्षा जल संचयन प्रणाली – जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।
4. जन
जागरूकता
एवं
स्वच्छता
अभियान
नगर निगम स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता उत्पन्न करने के लिए कई प्रक्रियाएँ अपनाता है:
- स्वच्छता रैलियाँ – स्कूल, कॉलेज और एनजीओ के माध्यम से लोगों को जागरूक करना।
- स्वच्छ भारत ऐप – नगर निगम के माध्यम से लोगों को किसी भी स्वच्छता समस्या की शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
- पोस्टर, बैनर, और डिजिटल कैंपेन – लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है।
- स्वच्छता प्रतियोगिताएँ – स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
5. नगर
निगम
की
स्वच्छता
रैंकिंग
में
भूमिका
हर साल भारत सरकार द्वारा "स्वच्छ सर्वेक्षण" नामक एक रैंकिंग दी जाती है जो शहर के स्वच्छता स्तर को दर्शाती है। नगर निगम यह सुनिश्चित करता है कि यह रैंकिंग बेहतर हो:
- कचरे का उचित प्रबंधन।
- शौचालय निर्माण और उनका सही उपयोग।
- लोगों के माध्यम से सहयोग प्राप्त करना।
- सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई।
6. नगर
निगम
और
सामाजिक
सहयोग
स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए नगर निगम अनेक एनजीओ, स्वच्छता कर्मी और स्थानीय लोगों का सहयोग लेता है। यह सहयोग विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से होता है जैसे:
- वॉलंटियर कार्यक्रम – नगर निगम स्कूल, कॉलेज और अनेक एनजीओ से वॉलंटियर्स को जोड़ता है।
- सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के माध्यम से सहयोग – निजी कंपनियाँ और कॉर्पोरेट संस्थाएँ भी इस अभियान में योगदान देती हैं।
- स्थानीय नागरिकों की भागीदारी – नगर निगम नागरिकों को प्रेरित करता है कि वे अपने मोहल्ले और समाज को स्वच्छ बनाए रखें।
नगर निगम
की
चुनौतियाँ
और
समाधान
1. वित्त
समस्या
स्वच्छता कार्यक्रम के लिए कई बार फंड की कमी होती है, जिसे सरकारी अनुदान और लोगों की भागीदारी द्वारा सुधारा जा सकता है।
2. लोगों
की
उपेक्षा
कई बार नागरिक ही नगर निगम द्वारा प्रस्तावित सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, जैसे कि शौचालय का इस्तेमाल न करना। इसका समाधान जन जागरूकता और सख्त नियम लागू करने से किया जा सकता है।
3. प्रदूषण
और
कचरे
की
बढ़ोतरी
बढ़ते शहरी कचरे और प्रदूषण को रोकने के लिए "कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें" जैसी नीति को अपनाया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
स्वच्छ भारत मिशन में नगर निगम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल शहर की सफाई करता है बल्कि स्वास्थ्य सुधारने, जन जागरूकता बढ़ाने और शहरी विकास को भी सुधारने का काम करता है। हर नागरिक का भी कर्तव्य है कि वह नगर निगम के कार्यक्रमों में सहयोग करे और भारत को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे।
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